17 अक्टूबर 2014 - 19:16
आयतुल्लाह नम्र की फाँसी के फ़ैसले पर हिज़्बुल्लाह की सउदी अरब को चेतावनी

लेबनान के प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह ने सउदी शासन को इस देश के प्रसिद्ध शीया धर्मगुरु शैख़ निम्र बाक़िर अन्निम्र को मृत्युदंड देने के फ़ैसले की ओर से सचेत किया है।

लेबनान के प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह ने सउदी शासन को इस देश के प्रसिद्ध शीया धर्मगुरु शैख़ निम्र बाक़िर अन्निम्र को मृत्युदंड देने के फ़ैसले की ओर से सचेत किया है। गुरुवार को जारी बयान में हिज़्बुल्लाह ने शैख़ निम्र के ख़िलाफ़ इस फ़ैसले को अन्यायपूर्ण व राजनीति से प्रेरित बताया। हिज़्बुल्लाह के बयान में आया है,“ यह अन्यायपूर्ण फ़ैसला राजनीति से प्रेरित सारी सीमाओं को लांघ गया है और नागरिकों के एक बड़े वर्ग के ख़िलाफ़ सउदी शासन की दमनकारी नीतियों को प्रतिबिंबित करता है। वे इस पीड़ित वर्ग की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और वैध मांगों की प्राप्ति के लिए उसके शांतिपूर्ण संघर्ष को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।”
हिज़्बुल्लाह ने इसी प्रकार सउदी शासन ने शैख़ निम्र के ख़िलाफ़ मामला ख़त्म करने और उन नागरिकों की वैध मांगों को पूरी करने पर बल दिया है जो वे ईश्वरीय धर्म और अंतर्राष्ट्रीय क़ानून द्वारा मान्यता प्राप्त कम से कम अधिकार की प्राप्ति के लिए कोशिश रहे हैं। हिज़्बुल्लाह ने अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार गुटों का भी आह्वान किया कि वे रियाज़ पर वरिष्ठ शीया धर्मगुरु की हत्या न करने के लिए दबाव डालें।
बुधवार को शैख़ निम्र को सउदी अरब की राजधानी रियाज़ में एक विशेष आपराधिक अदालत ने मृत्युदंड सुनाया। इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ लोग पूर्वी प्रांत क़तीफ़ नगर की सड़कों पर निकल आए।
मानवाधिकार संस्था एम्नेस्टी इन्टरनेश्नल ने भी इस फ़ैसले को घिनौना बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की है।
इस बीच बहरैन में भी लोगों के एक समूह ने रैली निकाल कर सउदी अरब के धर्मगुरु शैख़ निम्र के प्रति एकता दर्शायी। रैली में भाग लेने वालों ने शैख़ निम्र को मृत्युदंड देने के फ़ैसले के कारण सउदी शासन की भर्त्सना की।
ज्ञात शैख़ निम्र को सउदी अरब की सुरक्षा में बाधा डालने के आरोप और सरकार विरोधी भाषण के कारण मृत्युदंड सुनाया गया है। शैख़ निम्र क़तीफ़ की अलअवामिया मस्जिद के इमाम हैं और एम्नेस्टी इंटरन्शेनल के अनुसार वे लगभग पिछले दो साल से रियाज़ की हायर जेल में बंद हैं।
दूसरी ओर क़ुम धार्मिक केन्द्र के शिक्षकों ने भी सउदी अरब के प्रसिद्ध धर्मगुरु को मृत्युदंड के फ़ैसले की निंदा करते हुए उन्हें बिना शर्त तुरंत रिहा करने की मांग की है।